शोक नही रहा अब हमे इश्क मोहबब्त का…
वरना आज भी गाँव की गौरी पनघट पे और
शहर की छोरी ट्यूशन पे हमारा इन्तजार करती है
जोक्स और शायरी हिंदी में
शोक नही रहा अब हमे इश्क मोहबब्त का…
वरना आज भी गाँव की गौरी पनघट पे और
शहर की छोरी ट्यूशन पे हमारा इन्तजार करती है