कभी किसी की गोद में सिर रख कर मत सोना,
क्योंकि जब छोड़ कर जाता है तो रेशम के तखिये पर भी नींद नही आती।
शीशे, यादें, सपने, रिश्ते कब कहाँ टूट जाए कुछ नहीं पता
तू मुझे कहीं लिख कर रखले , तेरी बातों से मैं निकलता जा रहा हूँ
जोक्स और शायरी हिंदी में
कभी किसी की गोद में सिर रख कर मत सोना,
क्योंकि जब छोड़ कर जाता है तो रेशम के तखिये पर भी नींद नही आती।
शीशे, यादें, सपने, रिश्ते कब कहाँ टूट जाए कुछ नहीं पता
तू मुझे कहीं लिख कर रखले , तेरी बातों से मैं निकलता जा रहा हूँ