तेरे इंतज़ार का ये आलम है, by avni kumariतेरे इंतज़ार का ये आलम है, तड़प्ता है दिल आखें भी नम है,तेरी आरज़ू में जी रहे है,वरना जीने की ख्वाहिश कम है..